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Friday, July 29, 2016

मेढक जैसी पत्नी- पति-पत्नी के जोक्स का उल्टा-पुल्टा रूप-21


बचपन में डराया जाता था कि....
मेंढक को पत्थर मारोगे तो मेढक जैसी ही पत्नी मिलेगी....       
कितना डरते थे तब.....    
अब लगता है, काश मार ही दिया होता........

पत्नियों पर जोक्स चलते ही रहते हैं। सभी जी खोलकर उनका आनद लेते हैं। छम्मकछल्लो इन्हें ज़रा सा उलट पलट देती है। पत्नी की जगह पति कर देती है। आनंद कितना गुना बढ़ जाता है, आप बताएं। शेयर करें। कॉमेंट करें। ये देखिये उपरवाले जोक्स का उलटा रूप-

बचपन में डराया जाता था कि....
मेंढक को पत्थर मारोगे तो  मेढक जैसा ही पति मिलेगा...       
कितना डरते थे तब.....    
अब लगता है, काश मार ही दिया होता........

Wednesday, July 27, 2016

आतंकवादी. पति-पत्नी के जोक्स का उल्टा-पुल्टा रूप-20

 जिनकी पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो अपने स्टेटस पर हिन्द देश का प्यारा तिरंगा लगाकर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं..!! अन्यथा खतरे का निशान लगाइए। इसका मतलब आतंकवादी घर पर ही है.... 

पत्नियों पर जोक्स चलते ही रहते हैं। सभी जी खोलकर उनका आनद लेते हैं। छम्मकछल्लो इन्हें ज़रा सा उलट पलट देती है। पत्नी की जगह पति कर देती है। आनंद कितना गुना बढ़ जाता है, आप बताएं। शेयर करें। कॉमेंट करें। ये देखिये उपरवाले जोक्स का उलटा रूप-

जिनके पति वेकेशन या टूर आदि पकहीं चले गए हैं,  वो अपने स्टेटस पर हिन्द देश का प्यारा तिरंगा लगाकर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकती हैं..!! अन्यथा खतरे का निशान लगाइए। इसका मतलब आतंकवादी घर पर ही है....## 

Monday, July 25, 2016

Vastu-Shastra- पति-पत्नी के जोक्स का उल्टा-पुल्टा रूप-19


पति ने अपने दोस्त से कहा – “मेरी बीवी Vastu-Shastra पर बहुत ही ज्यादा विश्वास करती है !”
दोस्त बोला- "Great! क्या वो उसका उपयोग भी करती है?"
पति ने छूटते ही कहा- “Oh-Yeah !!.....जब हमारा झगड़ा होता है तब, वो कोई भी  'Vastu' उठा लेती है और फिर उसका उपयोग 'Shastra' की तरह करती है....”

पत्नियों पर जोक्स चलते ही रहते हैं। सभी जी खोलकर उनका आनद लेते हैं। छम्मकछल्लो इन्हें ज़रा सा उलट पलट देती है। पत्नी की जगह पति कर देती है। आनंद कितना गुना बढ़ जाता है, आप बताएं। शेयर करें। कॉमेंट करें। ये देखिये उपरवाले जोक्स का उलटा रूप-

पत्नी ने अपनी दोस्त से कहा- मेरे पति Vastu-Shastra पर बहुत ही ज्यादा विश्वास करते हैं।
दोस्त बोली- “Great, क्या वो उसका उपयोग भी करते हैं?
पत्नी ने छूटते ही कहा- “Oh-Yeah !!.....जब हमारा झगड़ा होता है तब, वो कोई भी  'Vastu' उठा लेते हैं और फिर उसका उपयोग 'Shastra' की तरह कराते हैं।“ 

Saturday, July 23, 2016

हैव अ गुड़ डे- पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप-18


एक सीनियर सिटिजन अपनी नई कार 100 की स्पीड में चला रहे थे। रियर व्यू मिरर में उन्होंने देखा कि पुलिस की एक गाडी उनके पीछे लगी हुई है।उन्होंने कार की स्पीड और बढ़ा दी। 140 फिर 150 और फिर 170..........अचानक उन्हें याद आया कि इन हरकतों के लिहाज से वे बहुत बूढ़े हो चुके हैं और ऐंसी हरकतें उन्हें शोभा नहीं देतीं।उन्होंने सड़क के किनारे कार रोक दी और पुलिस का इन्तजार करने लगे।
पुलिस की गाडी करीब आकर रुकी और उसमे से इंस्पेक्टर निकलकर बुजुर्ग महाशय के पास आया और बुजुर्ग से बोला---" सर, इतनी स्पीड से कार चलाने का अगर आप मुझे कोई ऐंसा एक कारण बता सके जो मैंने आज तक नहीं सुना हो तो मैं आप को छोड़ दूंगा। "
बुजुर्ग ने बहुत गंभीर होकर इन्स्पेक्टर की तरफ देखा और कहा---" बहुत साल पहले मेरी बीवी एक पुलिसवाले के साथ भाग गयी थी। मैंने सोचा कि तुम उसे लौटाने आ रहे हो इसलिए..................."
इन्स्पेक्टर वहाँ से जाते हुए बोला---
" हेव ए गुड डे, सर। "
पत्नियों पर जोक्स चलते ही रहते हैं। सभी जी खोलकर उनका आनद लेते हैं। छम्मकछल्लो इन्हें ज़रा सा उलट पलट देती है। पत्नी की जगह पति कर देती है। आनंद कितना गुना बढ़ जाता है, आप बताएं। शेयर करें। कॉमेंट करें। ये देखिये उपरवाले जोक्स का उलटा रूप-
एक बुजुर्ग महिला अपनी नई कार 100 की स्पीड में चला रही थीं। रियर व्यू मिरर में उन्होंने देखा कि पुलिस की एक गाडी उनके पीछे लगी हुई है।उन्होंने कार की स्पीड और बढ़ा दी। 140 फिर 150 और फिर 170..........अचानक उन्हें याद आया कि इन हरकतों के लिहाज से वे बहुत बूढी हो चुकी हैं और ऐसी हरकतें उन्हें शोभा नहीं देतीं।उन्होंने सड़क के किनारे कार रोक दी और पुलिस का इन्तजार करने लगी।
पुलिस की गाडी करीब आकर रुकी और उसमे से इंस्पेक्टर निकलकर बुजुर्ग महिला के पास आया और उनसे बोला---"मैडम, इतनी स्पीड से कार चलाने का अगर आप मुझे कोई ऐसा एक कारण बता सकें, जो मैंने आज तक नहीं सुना हो तो मैं आप को छोड़ दूंगा। "
बुजुर्ग महिला ने बहुत गंभीर होकर इन्स्पेक्टर की तरफ देखा और कहा---" बहुत साल पहले मेरे पति एक पुलिसवाले के साथ भाग गए थे। मैंने सोचा कि आप उन्हें लौटाने आ रहे हैं, इसलिए..................."
इन्स्पेक्टर वहाँ से जाते हुए बोला---
" हेव ए गुड डे, मैडम।
😜😜😜😜😜😜

Wednesday, July 20, 2016

रॉन्ग नंबर! पति-पत्नी के जोक्स का उल्टा-पुल्टा रूप-17


पत्नियों पर जोक्स चलते रहते हैं और हम सभी इसके खूब मजे लेते हैं। छम्मकछल्लो इसे तनिक उळातकर पत्नी की जगह पति कर देती है। आप भी देखें और बताएं कि कितना आनंद अब आता है।

नई-नई शादी के बाद पति ने पत्नी का फोन नंबर इस
नाम से सेव किया-
‘माई लाइफ’
एक साल बाद उसने नाम बदल करलिखा-
‘माई वाइफ’
दो साल बाद उसने फिर नया नाम रखा-
‘होम’
पांच साल बाद उसने फिर से नाम बदला-
‘हिटलर’
दस साल बाद, इन सभी नामों को साइड कर उसने फिर
नया नाम रखा-
‘रॉन्ग नंबर!’

😉 नई-नई शादी के बाद पत्नी ने पति का फोन नंबर इस
नाम से सेव किया-
‘माई लाइफ ब्रैंड’
एक साल बाद उसने नाम बदल कर लिखा-
‘माई हस्बैंड’
दो साल बाद उसने फिर नया नाम रखा-
‘होम’
पांच साल बाद उसने फिर से नाम बदला-
‘हिटलर’
दस साल बाद, इन सभी नामों को साइड कर उसने फिर
नया नाम रखा-
‘रॉन्ग नंबर!’

Tuesday, July 19, 2016

इज़्ज़त, ख्याल और प्यार! पति- पत्नी के जोक्स का उलटा-पुल्टा रूप-16

पत्नियों पर जोक्स खूब चलते हैं। हम पढ़ते सुनते हैं और खूब मजे भी लेते हैं। छम्मकछल्लो इन्हें थोड़ा बदल देती है। मजा कितना बढ़ता घटता है, यह आप तय करें। एक जोक यह रहा-
एक महात्मा जी ने कहा- "इज्जत करनी है तो पत्नी की करो। ख्याल करना है तो पत्नी का करो। प्यार करना है तो पत्नी को करो।"
लेकिन किसकी पत्नी? महात्मा जी यह बताना भूल गए।

एक महात्मा जी ने कहा- "इज्जत करनी है तो पति की करो। ख्याल करना है तो पति का करो। प्यार करना है तो पति को करो।"
लेकिन किसका पति? महात्मा जी यह बताना भूल गए।

Monday, July 18, 2016

Dip Dip Dipped-It’s the Chemo Bed - Poem from CAN under Celebrating Cancer


Dip Dip Dipped
It’s the Chemo Bed
Intoxication Fed
Spins in my head

Evening I am home
Coconut water ‘n’ drums
Lick your cake say yum
Girls, one by one,
Kanishka, Gudiya and
Mandaki-niki-yum,
Dance to rhythm.

Music going crazy
With Toshy and Koshy
Camera, Ajay and Ali
Dance – after centuries.
Ever since it raised its hood
Give up party, give up laughter
Give up all your favorite food
But no more
Alive once more
I am living, I am pumping
I have an iron core
I am drunk on my life
I want it all the more
And, hope wins over the death!
###
English Translation- Swapnil Dixit

Sunday, July 17, 2016

Popcorn Breasts- from CAN-समरथ

CAN-समरथ- कविता संग्रह अपने अंतिम चरण में है। छम्मकछल्लो खुश है। जीवन के एक उद्देश्य को उसका रूप मिल रहा है। आप भी इसमें शामिल होइए। तबतक पढ़िये एक कविता- इस संग्रह से। ईसका हिन्दी रूप भी मिलेगा। फिलहाल अँग्रेजी में और इसका youtube लिंक है-  https://www.youtube.com/watch?v=p7yJgnyNbR8

Breast cancer is spreading
Like springy popcorn,
Here, there, everywhere,
Unmitigated, uninterrupted.
Beloved, loved ones,
Relatives, friends,
Mother, sister,
Sister-in-law, wife, even one's neighbour.
Sister, grandmother, none spared,
None untouched,
By a malady untouchable.
Once it arrives, we look for reasons!
Was it the lifestyle? Stress?
Late marriage? Delayed pregnancy?
Having just one or may be two kids?
Did you get regular breast exams?
Doctors and specialists are stumped!
Can't determine causes, and
Answers don't come that easy.
Each one with their unique symptoms.
They ask, how did it happen?
If only we knew the answer,
Wouldn't we have tied a bundle,
Carried it to some mountain peak,
Or to the bottom of some abyss,
And dumped it there?

Our popcorn beads of cancer??



Sunday, July 10, 2016

एते पे सुलतान है....!


चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण
एते पे सुलतान है, मत चूको चौहान।
पृथ्वीराज चौहान के लिए यह कहा गया था। आज फ़िल्म सुलतान के लिए कहा जा सकता है। यह चार बांस चौबीस गज और आठ अंगुल का एक निशाना था, एक लक्ष्य। जीवन में हम कुछ भी नहीं, अगर लक्ष्य ना हो तो।और यह लक्ष्य निज का निज से होता है, तभी हम अपनी ही  खींची लकीर को तोड़ते ,भेदते आगे बढ़ाते जाते हैं। लेकिन लक्ष्य जब एकांगी हो तो वह चार बांस चौबीस गज से हटकर आठ अंगुल तक होकर रह जाता है।
छम्मकछालो को सुल्तान लक्ष्य के इसी आठ अंगुल के भीतर तीन घंटे की बनाई फ़िल्म लगी। बचपन में हर ईद पर म्हारै शहर में एक मुस्लिम पृष्ठभूमि की फ़िल्म लगाई जाती थी। एक हफ्ते पहले से रिक्शे और टंगे पर लाउडस्पीकर से उस फ़िल्म के लिए प्रचार होता था-"ईद के मुबारक़ मौके पर माँ बहनो के लिए खास। देखना न भूलिए महान सामाजिक, पारिवारिक फ़िल्म मेरे मेहबूब या ऐसी ही कोई फ़िल्म।"
तब मुस्लिम पृष्ठभूमि पर बनी फ़िल्में भी एक प्रेम कहानी भर होती थी। सुल्तान भी प्रेम की चाशनी में भिगोकर बनाई गयी है। लगे कि हम प्रेम के प्रति कितने संवेदनशील हैं। लेकिन प्रेम की यह चाशनी एक तार की क्यों होकर रह जाती है, यह समझ से परे हो जाता है। एक आम फ़िल्म की तरह सुलतान आरफा से टकराता है और दिल दे बैठता है। दिल की खातिर पहलवानी सीख लेता है। छोरियां दिल्ली से पढ़ी हों या स्टेट लेवल चैम्पियन हों, प्रेम मुहब्बत के नाम पर वही लैलाई रूप। और क्या करे वह कि अपनी खातिर हीरो को पहलवानी सीखते देख भीग गई। कैरियर जी गया तेल लेने। माँ भी बन गयी! ओ जी। कहाँ गया सुलतान का दिल, जिसे पाने के लिए वह पहलवान बना, उसी के माँ बनने पर उसके कैरियर के बाबत तनिक भी न सोचा? अब जी वो, बच्चा गिरवाती तो हमारी संस्कृति को खतरा हो जाता। लो जी।छोरियों का क्या! वे तो होती ही हैं इसी सबके लिए। ....और जी, बाद में भी उसने तो मोम की तरह पिघल ही जाना है। ना पिघलती तो फिर से भारतीय संस्कृति को जी, खतरा पैदा हो जाता।
फिलिम देखते हुए जी मन्ने लगा कि कहानी पलट दी गयी होती तो? ...तो जी। ईद न होती। भाई न होता। फ़िल्म की शुरआत में ही हिरवा और भगवा झंडा न होता। मन्ने तो पैले तिरंगा लगा। सो सुफैद झंडा भी खोजती रही। लेकिन मेरी मत। सुफैद कपड़ों में बैठे लोग बाद में समझ में आया। दिल्ली में भी शायद अब नवभारत टाइम्स के ऊपर अंग्रेजी में NBT छपने लगा हो।
ये भी समझ में न आया कि सुलतान के चैंपियन बनने के बाद आरफा तुरंत रेसलिंग में आ भी गयी। तुरंत जी, प्रेगनेंट भी हो गई, तुरंत जी चार साल की बच्ची भी रेसलर की नई पीढ़ी बनकर सामने आ गई। छम्मकछल्लो को लगा कि छोरियां कहीं भी पैदा हों, वे बीबी और माँ से आगे बच जावे तो कुछ सोचे।
वैसे फ़िल्म स्पोर्ट्स के बारे में कहती है तो स्पोर्ट्स तो जी, दिल को खिंचता ही है। बनानेवाले ने फिलिम में चुस्ती राखी है। सल्लू भाई तो बस भाई है ही। पर इस फिलिम में पैली बार या भोत दिन बाद उनकी मेहनत दिखी है।
आरफा का तो समझ में ही नहीं आया कि वह रेसलर काय को बनी। शायद स्टोरी को सपोर्ट देने के लिए। उतनी ही, जितनी बड़े हीरो की फिल्मों में हीरोइन होती है। थोड़ा नाच गा लो। सो गा लिया- "बेबी को बेस पसंद है।" थोड़ा रोमांस कर लिया। थोड़ी फेमिली भैलू भी समझा दी। ...छम्मकछल्लो तो NH10 की छोरी को खोज रही थी।
हिंदी फिलम में ऐसा क्यों नहीं होता कि हीरो ना बचे। या वह हार जाए। 100 में से 99 को लगेगा कि वह हमारे बीच का एक आदमी है। लेकिन ना। अपण तो जी, कम्पटीशनवाले लोग हैं।हार कैसे सकते हैं? सामान्य नहीं। असाधारण बनना है हमें, चाहे वह इंग्लिश विंग्लिश हो या तारे ज़मीं पर या सुलतान। उम्र या जेंडर का कोई कनेक्शन नहीं। पर जी, ये सब सोचोगे तो फिलिम नहीं देख पाओगे। सो आज इतवार को बमुश्किल 50 दर्शकों के बीच हमने फिलिम देखी। आप भी देख आओ। तीन घंटे भारी नहीं पड़ते "सैराट" की तरह। 

Friday, July 8, 2016

In the Agony of Your Love- a poem from CAN





Poems under series of "Celebrating Cancer" is a mission to make aware the people towards cancer so that they can face it with brave heart and positivity. CAN is a collection of 55 poems in Hindi and English in one zild. Book the book and support to fight against #Cancer. Very soon you will get the book. So, book your book and support the cause.






In the Agony of Your Love- a poem from CAN





Poems under series of "Celebrating Cancer" is a mission to make aware the people towards cancer so that they can face it with brave heart and positivity. CAN is a collection of 55 poems in Hindi and English in one zild. Book the book and support to fight against #Cancer. Very soon you will get the book. So, book your book and support the cause.