chhammakchhallokahis

रफ़्तार

Total Pageviews

छम्मकछल्लो की दुनिया में आप भी आइए.

Pages

|

Thursday, February 3, 2011

मां

आज मां की बहुत याद आ रही है. उनके लिए बहुत पहले लिखी थीं कुछ पंक्तियां.
निष्ठा, ममता, दृढता, समता
अपनेपन की मूरत से
जीवन में भर गई उजाला
शक्ति, प्रेरणा, करुणा से

मां होती जब पास किसी के
शक्ति स्वरूप बन जाती है
देकर मन की सारी पूंजी
जीवन ज्योति जगा जाती है.
Post a Comment