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छम्मकछल्लो की दुनिया में आप भी आइए.

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Friday, April 10, 2020

चुटकुलों की दुनिया


चुटकुलों की दुनिया!

दुनिया बड़ी निर्मम है । वह हमें हँसता देखना नहीं चाहती। आप हँसना चाहेंगे, दुनिया आपको बड़ी हैरानी से देखेगी कि लो जी, इसमें हंसने की क्या बात हो गई?

आप घुलने-मिलनेवाले सहज प्राणी हैं। दुनिया आपको असहज बनाकर छोड़ेगी। आप हिम्मतवाले हैं। इस लॉक डाउन के समय में हँसना-बोलना, खुद पर ही जोक्स क्रैक करना चाहते हैं, ताकि खुद को मानसिक व मनोवैज्ञानिक तरीके से फिट रख सकें।मगर दुनिया आपको तुरंत चित-पट पटखनी देगी- देख नहीं रहे? हम कितने बड़े संकट से गुजर रहे हैं? यह हंसने का टाइम है?

छम्मकछल्लो को लगता है कि यह महा संकट का समय है, इसलिए महा धैर्य की ज़रूरत है। इसलिए महा धैर्य के लिए, महा संकट का मुक़ाबला करने के लिए हे महारथियो! थोड़ा हँसना- बोलना, खुद को हल्का फुल्का बनाए रखना बेहद ज़रूरी है। खुद के लिए। अपने आसपास के लिए। अपने प्रियजनों के लिए।

कैंसर के समय भी मैंने यही किया था। यह मेरी मानसिक, मनोवैज्ञानिक तैयारी थी, कैंसर के संकट का मुक़ाबला करने के लिए। लेकिन, वह मेरे निज के स्तर की तैयारी थी, क्योंकि कैंसर मुझे हुआ था।

आज पूरी दुनिया को तैयारी की ज़रूरत है, क्योंकि पूरी दुनिया कोरोना वाइरस और COVID19 से ग्रस्त है।

इसलिए, आइये कि बहुत ज़रूरी है हँसना, मुसकुराना। और चुटकुलों के संसार से बढ़कर और क्या हो सकता है!
इसलिए, आज बात की है चुटकुलों, यानि जोक्स या लतीफों पर। आप भी देखिये, दिखाइये। हँसिये, हँसाइये।

लिंक है-
https://youtu.be/8hXnhxMN8vA

लेकिन, कहा न कि बड़ी निर्मम है दुनिया! वह हमें हँसता देखना नहीं चाहती। इसलिए, आज के यूट्यूब लाइव में पता नहीं, क्या गड़बड़ी हो गई। फिर भी हम लिंक लेकर आ गए हैं आपके लिए।

इस तकनीकी गड़बड़ी से उपजे मेरे अवसाद को कम करने के लिए आप सब इस लिंक पर जाइए, देखिये, शेयर कीजिये, लाइक कीजिये, अपने कमेंट्स यूट्यूब पर दीजिये और चैनल subscribe कीजिए, ताकि आप सबको वहाँ हँसता देखकर मैं भी प्रफुल्लित हो सकूँ।

बहुत ज़रूरी है इस लॉक डाउन के समय में हँसना-बोलना, खुद पर ही जोक्स क्रैक करना, ताकि खुद को मानसिक व मनोवैज्ञानिक तरीके से फिट रख सकें। इसलिए, आज बात की है चुटकुलों, यानि जोक्स या लतीफों पर। आप भी देखिये, दिखाइये। हँसिये, हँसाइये। #बोलेविभा #BoleVibha #LockDown #Corona #COVID19
https://youtu.be/8hXnhxMN8vA

Thursday, April 9, 2020

तुम भूल न जाना थूकने को।


तुम भूल न जाना थूकने को।



थूकना बहुत नेचुरल है। मुंह में थूक न बने तो कई सेहत संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। मगर, थूकना एक रवायत है। एक तहज़ीब है। न थूकें तो बहुत से मसले सामने आ सकते हैं। हमारा देश महान है और हमारी आदतें भी। थूकना भी इन्हीं महान आदतों में से एक है।


इसलिए, थूकने जैसे महान #सत्कर्म पर आस्था रखनेवाले सभी #सुधिजनों! हे इस देश के #महान #थूकनहारो! तुम थूको. तुम यह मत देखो कि जगह कितनी साफ है, बल्कि यही देखो कि जगह कितनी साफ है ताकि उसे अपने महान थूक से और भी थूकीकृत कर दो... बोले विभा 23 में #थूक- माहात्म्य! देख, सुन और शेयर करके #थूकमाहात्म्य को जन-जन तक पहुंचाने का पुण्य लाभ अर्जित करें.

थूकने के इस माहात्म्य को यूट्यूब पर भी देखें। लिंक ये रहा-
https://www.youtube.com/watch?v=qHHpQ3YBi4o

Wednesday, April 8, 2020

मेरी शादी के लड्डू

बस जी, बस। इंतज़ार खत्म! लीजिये जी। बोले विभा के तहत मेरी शादी के लड्डू हाजिर हैं आपके लिए हमारे यूट्यूब लाइव पर। देखिये, खाइये, दिखाइये, खिलाइये। और हाँ, गिफ्ट के रूप में चैनल सबस्क्राइब ज़रूर कर लीजिये। इतना तो कर ही लीजिएगा न!

आखिर क्यों हमने शादी को इतना बड़ा हव्वा बनाकर रख दिया है? क्यों यह किसी भी शादी करने को इच्छुक जोड़े के लिए एक दु;स्वप्न बन जाता है? और इन सबसे पहले तो यह कि क्यों ज़रूरी है शादी करना? क्योंकि शादी तो आपकी नज़र में एक बंधन है और बीबी मुनव्वर राना जी के शब्दों में पीतल। भारतीय समाज में शादी, खासकर लड़कियों की शादी इतनी ज़रूरी क्यों हो जाती है? क्यों हम मान लेते हैं कि ये अकेले/अकेली नहीं रह सकते/सकती। किनसे भाय लगता है आपको या हम सबको?

मेरी शादी में भी तो यही सब हुआ था। शादी के लिए जात, धर्म, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब आदि की इतनी दीवारें हमने खड़ी कर दी हैं कि शादी के असल मायने- एक दूसरे को समझना, एक दूसरे पर सहज विश्वास करना, एक दूसरे के साथ रहना और एक-दूसरे के सुख-दुख बांटना- इन सामाजिक विडंबनाओं के तले दबाकर रह जाते हैं। इसलिए, मेरे ये अनुभव सुनिए। खुद को अपनी शादी के लिए तैयार कीजिये, अगर करना चाहते हैं तो या अपने बच्चों की शादी मैं अपनी बेवजह दाखल न देने की मानसिकता बदलिए।

सुनिए, देखिये और अपनी राय यहाँ दीजिये, कमेन्ट पर।
Marriage is a dream for everyone. It becomes a nightmare, when we try to isolate the couple. The same had happened at my wedding time. how? listen here. Be happy. make people happy. Realise the real happiness of marriage.

लिंक ये रहा-

Tuesday, April 7, 2020

टाइम पास करने को टाइम कहाँ!

बहुत दिन बाद मुखातिब हो रही हूँ। कोशिश रहेगी कि आपसे रेगुलर तरीके से यहाँ मुलाक़ात हो। 

फिलहाल कोरोना टाइम चल रहा है। आप सब घर पर होंगे और सेफ व सुरक्षित होंगे। 

लोग-बाग परेशान हैं कि उनका टाइम पास नहीं हो रहा। मेरी दिक्कत यह है कि टाइम कैसे पास हो जाता है! बाकी कामों के लिए टाइम ही नहीं मिल पाता। कैसे? 

यहाँ पढ़िये और हमारे यू ट्यूब चैनल को भी देखिये 'बोले विभा' के तहत। सब्सक्राइब कीजिये, लाइक कीजिये, अपने कमेंट्स वहाँ दीजिये। यकीन मानिए, अगर आपके पास भी टाइम नहीं है, तो भी इतना करने में कोई टाइम नहीं लगेगा और अगर टाइम ही टाइम है तो आपका टाइम बहुत अच्छे से पास होगा। इतना कि आप दूसरों से भी हमारे सारे वीडियोज़ के लिंक साझा करना पसंद करेंगे। 



कोरोना टाइम में टाइम पास?
-विभा रानी

टाइम पास करने को टाइम कहाँ
हो भैया!
टाइम पास करने को टाइम कहाँ
हे भौजी!

टाइम पास करने को टाइम कहाँ
हो जीजा?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ
गे दीदी?

‘कइसे?’

‘हे देखिये! पूछते हैं कि कइसे?
त’ सुनिए, बताते हैं अइसे- ठीक है?

पांच बजे लिखा पढ़ी
छओ बजे झाड़ा फ़ीरी
सात बजे पोछागिरी
साढ़े सात कसरतगिरी

आठ बजे बुरुशगिरी
पौधा में पानीगिरी
राते में नाश्ते का होता पलानगिरी
ठीक है?


बूझे?
कि टाइम पास करने को टाइम कहाँ
गे दीदी!
टाइम पास करने को टाइम कहाँ
हो जीजा!

जीजा बकलोल है। सुनिए हो जीजा जी-

नौ बजे अस्नान-ध्यान
दस बजे ब्रेकफास्ट ज्ञान
ग्यारह बजे सोशल मीडिया
FB, ट्विटर, यूट्यूब, लिंकडिन
बारह बजे लाइव प्रिपरेशन
साढ़े बारह यूट्यूब लाइव

एकरा बीच मे सू सू- पानी,
घर मे थोड़ा वॉकिंग जानी!
वॉकिंग संग-संग कुकर लगाना  
दो बजे तक खाना खाना

का बोले?
सलाद??
एं…ह!.... गाजर कतरने का टाइम कहाँ अंकल जी!
चार आइटम पकाने का टाइम कहाँ आंटी जी!

अंकल -आंटी को समझता नई कुछ!
अरे सुनो न!
टाइम पास करने को टाइम कहाँ
अंकल जी!
टाइम पास करने को टाइम कहाँ
आंटी जी!
ठीक है?

अभियो नहीं बूझे?

किचन को साफ करना
नींद को भी साथ लेना
व्हाट्सप्प और फेसबुक पर
अपना थोथा ज्ञान परोसना

पांच बजे संझा में चाय पानी संग करना
छओ बजे तनी मनी दुल्हा से गप्प करना
सात बजे डिनर के प्लानिंग में मगज फोड़ना
आठ बजे डिनर को झट सफाचट करना
नौ बजे सिनेमा आ फिर से सोशलाइज होना
बारह बजे रात में बिछौना पर फोंफ काटना
ठीक है?

बोलो अब?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ हो मौसा
टाइम पास करने को टाइम कहाँ गे मौसी!

एतना तो तब है,
जब बेटी- सैंया संग है।
खाना पकवाने हेतु
बर्तन धुलवाने हेतु
सौदा सुलुफ लाने हेतु
Covid न्यूज़ बताने हेतु

भाषण सुनवाने हेतु
थाली बजवाने हेतु
मोमबत्ती लाने हेतु
रिश्ता बतियाने हेतु
लाइफ- लाइट जलाने हेतु।
लाइफ लाइन लगाने हेतु।

वरना?
सिचुएशन होता औरो टाइट
हमरे आ टाइम बीच
चलता रहता ढिशुंम फाइट।
ठीक है?

एतना में भी रह जाता है
खूब लिखना,
एतना में भी रह जाता है
खूब पढ़ना,
टाइम नहीं मिल पाता
किसी को फोन करना
टाइम समय नहीं मिल पाता 
नया कुछ भी सोचना

तैयो हम सोचते हैं
कहाँ से टाइम लाएं?
भौजी, भैया आपन से जी भर के बतियाएं!
दीदी, जीजा आपन से जी भर के बतियाएं!

अखनी तो इहे है, एके गो बाते है-
अपना रूटीन लेके खूब काम करते जाएं
घरे मे रहकर, कोरोना से बचकर
करफू में रहकर, COVID19 से बचकर
अपना संग दूजे का भी, जिनगी आसान बनाएं।

तैयो कोई आपसे पूछे
कइसे होता टाइम पास!
उल्लू को बुझाइये तनी,  
बुद्धू को समझाइये तनी!

न बूझे तो कह दीजिये-
कैसन बकलोल हो!
कटहल न कद्दू हो,
सीधे सीधे ओल हो।

आप बडे आला हैं
गोला, बारूद, भाला हैं
बहनोई तो छोड़िए,
आप उनके साला हैं।
ठीक है?

हाय राम!
एतनो पर न बूझे?

भेजा है कि नारियल है?
गुद्दी है कि बेल है- भक्क!


दागिये जवाब के बदले सवाल भैया-
ठोक ठोक दिमाग में घुसाइए जवाब भैया-

टाइम पास करने को टाइम कहाँ हो फूफा?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ गे फुआ?

टाइम पास करने को टाइम कहाँ हो मौसा?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ गे मौसी?

टाइम पास करने को टाइम कहाँ हो भैया?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ हे भौजी?

टाइम पास करने को टाइम कहाँ हो जीजा?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ गे दीदी?

टाइम पास करने को टाइम कहाँ अंकल जी?
टाइम पास करने को टाइम कहाँ आंटी जी?

ठीक है? नहीं??? भक्क….!







Friday, March 20, 2020

Bole Vibha2 - Mamla Pahnave ka

Under the series #BoleVibha, today I am talking about the ban of various kinds of dresses of women. This ban has been imposed by our near and dear ones and by the so called society. This series has been brought to you by our facebook group BadiBindi_BB_Club.
I understand dress or attire should be as per once choice and as per once convenience.
And please subscribe, like, share and press the bell icon also.





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